पोर्टुलाका, जिसे हिंदी में अक्सर “नौ बजे या दस बजे का फूल” कहा जाता है। इस आर्टिकल में हमलोग ( पोर्टुलाका की देखभाल: एक सुंदर और आसान देखभाल वाला पौधा ) के बारे में जानेंगे। एक अत्यंत आकर्षक और रंग-बिरंगा फूलों वाला पौधा है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह पौधा कम पानी और धूप में भी अच्छे से पनपता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो बागवानी में नए हैं या जिनके पास समय की कमी है, लेकिन वे अपने घर या बगीचे को रंगीन बनाना चाहते हैं।

इस लेख में हम विस्तार से ( पोर्टुलाका की देखभाल: एक सुंदर और आसान देखभाल वाला पौधा ) के बारे में जानेंगे , इसे कब और कैसे लगाएं, कौन सी मिट्टी उपयुक्त है, और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि यह पौधा लंबे समय तक खिलता रहे।
पोर्टुलाका की विशेषताएं
कम रखरखाव: इस पौधें को न्यूनतम देखभाल में भी बढ़ता है।
सूखा सहने की छमता : कम पानी में भी जीवित रह सकता है।
तेज़ धूप : पूरा दिन धूप में रहने पर भी यह खिलता है।
रंगीन फूल: इसके फूल गुलाबी, पीले, नारंगी, सफेद, लाल आदि कई रंगों में आते हैं।
पोर्टुलाका की देखभाल: एक सुंदर और आसान देखभाल वाला पौधा
- पौधे की सही जगह और धूप की आवश्यकता
पोर्टुलाका को ऐसी जगह लगाना चाहिए जहाँ उसे दिन में कम से कम 6–8 घंटे की सीधी धूप मिले। यह पौधा छायादार या बहुत ठंडी जगहों पर अच्छे से नहीं खिलता। इसे बालकनी, छत, या गमलों में लगाया जा सकता है, जहाँ भरपूर धूप आती हो। इसे जयंती ज्यादा धुप मिले उतना अच्छा है।
- मिट्टी की तैयारी
पोर्टुलाका को हल्की, रेतीली और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी बहुत पसंद होती है। आप सामान्य गार्डन मिट्टी में थोड़ी रेत और खाद (जैसे गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट) मिलाकर इसका आदर्श मिश्रण बना सकते हैं। ध्यान रहे कि मिट्टी में पानी जमा न हो, वरना जड़ें सड़ सकती हैं।
- पानी देना (सिंचाई)
पोर्टुलाका को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। इसे सप्ताह में 2–3 बार ही पानी देना पर्याप्त है, खासकर गर्मियों में। सर्दियों और बारिश के मौसम में पानी की मात्रा को और भी कम कर दें। हमेशा मिट्टी सूखने पर ही पानी दें।
- खाद और पोषण
इस पौधे को बहुत अधिक खाद की आवश्यकता नहीं होती। हर महीने दो महीने में एक बार जैविक खाद या वर्मीकम्पोस्ट देने से फूल अधिक और लंबे समय तक खिलते हैं। रासायनिक खाद का प्रयोग ना करें क्योंकि यह पौधे की जड़ों को नुकसान पहुँचा सकता है और पौधा खराब भी हो सकता है।
- कटाई और छंटाई
पोर्टुलाका में अधिक कटाई-छंटाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन सूखे फूलों और पत्तों को समय-समय पर हटाते रहना चाहिए। इससे पौधा साफ-सुथरा दिखता है और नए फूल आने की संभावना बढ़ जाती है। अगर पौधा बहुत फैल जाए तो उसकी शाखाओं को हल्का काटकर आकार में लाया जा सकता है। आप चाहे तो इसे काटकर अपने मन मुताबिक आकर दे सकते हैं।
- पौधा उगाना
इसे आप बीज का कटिंग से ऊगा सकते हैं। इसके बीज बहुत ही छोटे होते हैं, जिन्हें मिट्टी पर हल्के से छिड़ककर ऊपर से हल्की मिट्टी या बालू डालें। फिर थोड़ा सा पानी छिड़कें और इसे धूप वाली जगह पर रखें। लगभग 7–10 दिनों में अंकुर निकल आते हैं। पौधे को कटिंग से लगाने के लिए इसकी कटिंग लें और इसके निचे के पत्तों को हटाकर मिट्टी में लगा दें। कुछ दिनों में इसमें नए नए ब्रांच निकलने लगेंगे।
- कीट और रोग
पोर्टुलाका सामान्यतः कीट-मुक्त पौधा है। कभी-कभी इसमें एफिड्स (aphids) या मिलिबग (mealy bugs) आ सकते हैं। इनसे बचाव के लिए नीम का तेल या घरेलू कीटनाशक का उपयोग करें। अधिक पानी देने से फफूंदी की समस्या हो सकती है, इसलिए जल निकासी का विशेष ध्यान रखें।
- सर्दियों में देखभाल
पोर्टुलाका गर्मियों का पौधा है और ठंड में यह सूखने लगता है। सर्दियों में इसे धूप वाली जगह पर रखें और पानी बहुत कम दें। सर्दी बीतने के बाद नए बीज बोकर या पुराने पौधों से कटिंग लेकर फिर से उगाया जा सकता है। अगर आपके पास पुराना पौधा है तो वापस से रिपोटिंग करें इससे यह जल्दी से बढ़ता है।
पोर्टुलाका का उपयोग
- घर की बालकनी या छत को सजाने में।
- पार्कों और गार्डन में ग्राउंड कवर करने के रूप में।
- हैंगिंग गार्डन बनाने के लिए ।
निष्कर्ष
पोर्टुलाका एक बेहद आकर्षक, कम देखभाल वाला और पर्यावरण-अनुकूल पौधा है जो गर्मियों के मौसम में आपके बगीचे या घर को जीवंत बना सकता है। यदि आप फूलों के शौकीन हैं लेकिन समय की कमी के कारण बागवानी नहीं कर पाते, तो पोर्टुलाका आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। सही मिट्टी, धूप, और हल्की-फुल्की देखभाल से यह पौधा आपको महीनों तक रंग-बिरंगे फूलों से खुश कर सकता है।
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